कहानी

नकाबपोश

बाहर बारिश बहुत तेज हो रही थी सभी अपने अपने घरों में दुबके हुए थे ऐसा लग ही नहीं रहा था की इस बारिश  से कोई खुश हो शाम के वही 5-6 बजे होंगे पुरी सड़कें सन्नाटों से घिरा हुआ जैसे लग रहा था ये बारिश सुकून की नहीं बल्कि भय की बरसात हो तभी […]