जरा हटके

लालू के नाम एक बिहारी का खुला ख़त

आदरणीय लालू जी, प्रणाम, मैं जानता हुआ कि आप ये चिट्ठी पढ़ेंगे नही, लेकिन ना जाने किस आशा में लिख रहा हूँ। आजकल आप की मनोदशा कुछ-कुछ लंकापति रावण की उस मनोदशा से मेल खाती हुई लग रही है, जब मेघनाद बध-हुआ होगा। एक पिता के पापों की सजा अगर उसके बच्चे को मिले, तो […]