कविता

तनहाई

कभी-कभी तनहाई में,   यादों की परछाई में, तुम बहुत याद आते हो।  तुम इतने प्यारे हो कि, आज भी तुम्हीं भाते हो।    यह तनहाई ही है, जो तुम्हारी याद दिलाती है,  वरना व्यस्त दिनचर्या में, फुर्सत कहाँ मिल पाती है।        तुम न सही,    तुम्हारी याद तो है, तुम्हारे साथ […]