कविता

दोस्त

वो दोस्ती एक हसीन किस्सा था जो वक़्त के साथ गुज़रता गया , बचपन की यादों को छोड़ वो सपनो के पीछे उड़ता गया, लड़ता है आज वो खुद से जो कभी हमारे लिए लड़ता रहा । जिम्मेदारी के बोझ तले ऐसे  दबा वो और फिर व्यस्त हुआ दुनियादरी में, मांज रहा पीतल की तरह कोई किस्मत […]

3,197 total views, 4 views today

कविता

आ ज़िंदगी जी लूँ तुझे

यह भी पढ़ें : तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा आ ज़िंदगी जी लूँ तुझे, कब से फरियाद कर रहा था तू कभी तो टटोल मेरे मन को मैं ही तो तेरा आपना हूँ तेरे उज्ज्वल भविष्य का एक मात्र सपना  हूँ । बुझे हुए दीपक को जला कर कर रोशनी खुद में पीछे छोर दे […]

2,728 total views, 1 views today

कविता

तनहाई

कभी-कभी तनहाई में,   यादों की परछाई में, तुम बहुत याद आते हो।  तुम इतने प्यारे हो कि, आज भी तुम्हीं भाते हो।    यह तनहाई ही है, जो तुम्हारी याद दिलाती है,  वरना व्यस्त दिनचर्या में, फुर्सत कहाँ मिल पाती है।        तुम न सही,    तुम्हारी याद तो है, तुम्हारे साथ […]

2,218 total views, 4 views today

कविता

कतरा कतरा खुन का बह जाने दे

कतरा कतरा खुन का बह जाने दे जितना भी दर्द है हमारे अंदर रह जाने दे  समंदर भी आतुर है आगोश  मे भरने को शेष है जिन्दगी अभी हम तैयार हैं हर दर्द सहने को सफलता की सीढी हम खुद बनाएंगे अपने जीवन में चन्दमा सा प्रकाश फैलाएंगे सुर्य की तरह प्रकाश हमारा अपना होगा, […]

2,462 total views, 3 views today