कविता

दोस्त

वो दोस्ती एक हसीन किस्सा था जो वक़्त के साथ गुज़रता गया , बचपन की यादों को छोड़ वो सपनो के पीछे उड़ता गया, लड़ता है आज वो खुद से जो कभी हमारे लिए लड़ता रहा । जिम्मेदारी के बोझ तले ऐसे  दबा वो और फिर व्यस्त हुआ दुनियादरी में, मांज रहा पीतल की तरह कोई किस्मत […]

कविता

आ ज़िंदगी जी लूँ तुझे

यह भी पढ़ें : तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा आ ज़िंदगी जी लूँ तुझे, कब से फरियाद कर रहा था तू कभी तो टटोल मेरे मन को मैं ही तो तेरा अपना हूँ तेरे उज्ज्वल भविष्य का एक मात्र सपना  हूँ । बुझे हुए दीपक को जला कर कर रोशनी खुद में पीछे छोर दे […]

कविता

तनहाई

कभी-कभी तनहाई में,   यादों की परछाई में, तुम बहुत याद आते हो।  तुम इतने प्यारे हो कि, आज भी तुम्हीं भाते हो।    यह तनहाई ही है, जो तुम्हारी याद दिलाती है,  वरना व्यस्त दिनचर्या में, फुर्सत कहाँ मिल पाती है।        तुम न सही,    तुम्हारी याद तो है, तुम्हारे साथ […]

कविता

कतरा कतरा खुन का बह जाने दे

कतरा कतरा खुन का बह जाने दे जितना भी दर्द है हमारे अंदर रह जाने दे  समंदर भी आतुर है आगोश  मे भरने को शेष है जिन्दगी अभी हम तैयार हैं हर दर्द सहने को सफलता की सीढी हम खुद बनाएंगे अपने जीवन में चन्दमा सा प्रकाश फैलाएंगे सुर्य की तरह प्रकाश हमारा अपना होगा, […]