कविता

तेरी रूह में उतर कर मैं एक कहानी लिखता हूँ

तेरी रूह में उतर कर मैं एक कहानी लिखता हूँ  । प्यार के अल्फाज़ो से सजाए मैं तेरी नादानी लिखता हूँ, तेरी रूह में उतर कर मैं एक कहानी लिखता हूँ । लाखों अरमा हैं तेरे दिल में उस अरमा को मैं अपनी जुबानी लिखता हूँ , तेरी रूह में उतर कर मैं एक कहानी […]

कहानी

नकाबपोश

बाहर बारिश बहुत तेज हो रही थी सभी अपने अपने घरों में दुबके हुए थे ऐसा लग ही नहीं रहा था की इस बारिश  से कोई खुश हो शाम के वही 5-6 बजे होंगे पुरी सड़कें सन्नाटों से घिरा हुआ जैसे लग रहा था ये बारिश सुकून की नहीं बल्कि भय की बरसात हो तभी […]

कहानी

पुत्र रत्न

एक बार ऋषि मेरे घर पधारे ऋषि तो ऋषि होतें है सो उन्होंने बोल दिया तेरे घर बेटा होवेगा लेकिन व संस्कारी + कुसंस्कारी दोनों गुण उन में मौजूद होवेगा बस इतना बोल के वह चुप हो गया ! वह सिर्फ कपड़ो से ऋषि लगता था देखने से तो वह बिलकुल पागल प्रतीत होता था […]