कविता

क्योंकि आज मैं तेरी हिरासत में हूँ

लो कर लो अपनी हसरतें पूरी क्योंकि आज मैं तेरी हिरासत में हूँ । जितनी भी शिकायतें हैं तुम्हारी दूर कर लो आज उन्हें शायद कल मिज़ाज तल्ख हो जाये, फिर फरियाद करती फ़िरोगी मौका है दस्तूर है क्योंकि आज मैं तेरी हिरासत में हूँ । मुमकिन नही कल सुनु मैं तुझे कर लो फरियाद […]