कविता

चलो खुद को बर्बाद करते हैं

चलो अपने बीते हुए पलों को याद करते हैं पहले तो इश्क़ था दोनों को एक दूसरे से लेकिन आज केवल तन्हाई है नदी की तरह समंदर में मिलकर खुद को बर्बाद करते हैं चलो अपने बीते हुए पलों को याद करते हैं । कुछ शिकायते तुझे भी होंगी कुछ शिकायतें मुझे भी हैं तसल्ली […]