कविता

दोस्त

वो दोस्ती एक हसीन किस्सा था जो वक़्त के साथ गुज़रता गया , बचपन की यादों को छोड़ वो सपनो के पीछे उड़ता गया, लड़ता है आज वो खुद से जो कभी हमारे लिए लड़ता रहा । जिम्मेदारी के बोझ तले ऐसे  दबा वो और फिर व्यस्त हुआ दुनियादरी में, मांज रहा पीतल की तरह कोई किस्मत […]