जुर्म

रामानुज हत्याकांड: मारने वाली भीड़ कह रही थी 'ऑर्डर है आर्डर है मारो' कहीं ये आर्डर ..!

मुजफ्फरपुर के बहिलवारा में जिस रामानुज शाही की पीट पीटकर नृशंस हत्या कर दी गई,वहां अब सवाल पर सवाल उठाती जा रही है| अगर लोग चाहें तो उसे एक शहीद के रूप में पेश किया जा सकता है,इसे अगड़े बनाम पिछड़े की लड़ाई बनाने वालों की भी कमी नही है| लेकिन सबसे बड़ा सवाल जो […]

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वह अपराधी था, भीड़ नें उसके साथ हैवानियत की हदें पार कर दी

वह लगभग 26-27 साल का नौजवान था…उसे बंदूक और लाठी से काफी लगाव रहता..बात बात में पिस्टल लहराना उसे पसंद तो था हीं, आन बान और शान से भी कभी समझौता नहीं करता था..जो उसके रास्ते में आता उसे वह टपका देता था…इसलिए वह एक खूँखार क्रिमिनल था, जिसकी पहुँच बड़े आपराधिक संगठनों से थी। […]