kahani- meri pyari saloni | कहानी: मेरी प्यारी सलोनी
कहानी

कहानी: मेरी प्यारी सलोनी (वो चिड़िया नहीं जिन्दगी थी मेरी)

मैं बाहर अपने बागान में सो रहा था क्योकि गर्मी बहुत थी और मुझे प्राकृतिक हवाओं में नींद अच्छी आती है सो चला आया सोने बगानों में, इस बार आम और लीची अच्छे लगे थे… देख कर मन गद्द-गद्द हो जाता है अभी सुबह होने में लगभग 2 घंटें बाकिं थे लेकिन मन में अजीब […]

इश्क में वो अंतिम बरसाती रात
कहानी

लघु कथा : इश्क में वो अंतिम बरसाती रात

प्रोमो आखिर क्यों वो मुझे घसिटतें हुए ले जा रही थी मै कुछ समझ नहीं पा रहा था किचेन में अभी भी कुकर की सिटी लग रही थी सी सी कर और मेरा दिल पी पी कर धड़क रहा था की अचानक से एक अधेड़ उम्र औरत की आवाज आई कमरे में बंद कर दे […]

कहानी

वीरान जिंदगी और हवस

जीया.. ओ जीया बेटा! खिड़की किवाड़ लगा जल्दी बाहर भयंकर तूफान आ रहा है लग रहा है आज का दिन भी घर मे ही काटना पड़ेगा साला मन तो करता है ये पहाड़ी इलाका छोड़ कही मैदानी भाग में अपना घर बसाए लेकिन मन करने से क्या होता है… और वह पलंग पर लेट जाता […]