कविता

तुम बहुत हसीन हो ऐ कविता

तुम बहुत हसीन हो ऐ कविता जो जज्बातों को जगती हो । वर्षों से धूमिल पड़ी यादों को शब्दो में सजाती हो, कभी संजोती तुम उन हसीन लम्हों को, कभी सजाती तुम उन नमकीन लम्हों को, याद दिला कर वादों का उनका एहसास दिलाती हो, तुम बहुत हसीन हो ऐ कविता जो जज्बातों को जागती […]

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