कविता

तुम बहुत हसीन हो ऐ कविता

तुम बहुत हसीन हो ऐ कविता जो जज्बातों को जगती हो । वर्षों से धूमिल पड़ी यादों को शब्दो में सजाती हो, कभी संजोती तुम उन हसीन लम्हों को, कभी सजाती तुम उन नमकीन लम्हों को, याद दिला कर वादों का उनका एहसास दिलाती हो, तुम बहुत हसीन हो ऐ कविता जो जज्बातों को जागती […]

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मेरी आरजू

एक आरजू थी ऐ ज़िंदगी कस कर गले लगता तुझे, मुझे मालूम है तू मुझसे खफा है, फिरभी अपना होने का एहसास दिलाता तुझे, ऐ ज़िंदगी कसकर गले लगता तुझे । हर वक़्त तू मेरे साथ और मैं तेरे साथ रहूं, तेरी ही आगोस में मैं सोता हूँ, शायद इसका एहसास दिलाता तुझे, ऐ ज़िंदगी […]

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आ ज़िंदगी जी लूँ तुझे

यह भी पढ़ें : तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा आ ज़िंदगी जी लूँ तुझे, कब से फरियाद कर रहा था तू कभी तो टटोल मेरे मन को मैं ही तो तेरा अपना हूँ तेरे उज्ज्वल भविष्य का एक मात्र सपना  हूँ । बुझे हुए दीपक को जला कर कर रोशनी खुद में पीछे छोर दे […]

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एक बूंद गिरा जो रक्त का

एक बूंद गिरा जो रक्त का लाल हुआ ये अम्बर छलक पड़ा आंखों से आंसू देख भयावह मंजर जंज़ीरों में जकड़ी थी वो हुआ मलाल उसका अपनी आहुति देने को खड़ा था लाल उसका बेदी सजी थी वीरों की मिट्टी की तिलक लगा कर बजे नगाड़े मैदां में युद्ध का भीषण हुंकार हुआ वक़्त की […]

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कतरा कतरा खुन का बह जाने दे

कतरा कतरा खुन का बह जाने दे जितना भी दर्द है हमारे अंदर रह जाने दे  समंदर भी आतुर है आगोश  मे भरने को शेष है जिन्दगी अभी हम तैयार हैं हर दर्द सहने को सफलता की सीढी हम खुद बनाएंगे अपने जीवन में चन्दमा सा प्रकाश फैलाएंगे सुर्य की तरह प्रकाश हमारा अपना होगा, […]