जुर्म

वह अपराधी था, भीड़ नें उसके साथ हैवानियत की हदें पार कर दी

वह लगभग 26-27 साल का नौजवान था…उसे बंदूक और लाठी से काफी लगाव रहता..बात बात में पिस्टल लहराना उसे पसंद तो था हीं, आन बान और शान से भी कभी समझौता नहीं करता था..जो उसके रास्ते में आता उसे वह टपका देता था…इसलिए वह एक खूँखार क्रिमिनल था, जिसकी पहुँच बड़े आपराधिक संगठनों से थी। […]