क्या है महामारी अधिनियम 2020 ? जानिए महामारी अधिनियम की खास बातें

कोरोना वॉरियर्स पर लगातार हो रहे हमलों के बाद 22 अप्रैल, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी थी। उसी दिन 22 अप्रैल, 2020 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर करते हुए इसे अपनी मंजूरी दी और यह कानून बन गया। भारतीय संविधान के अंतर्गत, अनुच्छेद 123 के तहत भारत के राष्ट्रपति को, संसद के सत्र में न होने की स्थिति में एक अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्राप्त है। एक अध्यादेश पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही वह संसद द्वारा बनाए गए कानून के बराबर मूल्य का हो जाता है। अब, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन किया जा चुका है और वह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो चुका है और यह अध्यादेश अब कम से कम 6 महीने तक अवश्य लागू रहेगा।

आइए सरल भाषा में सजा का प्रावधान जानते हैं:-

▪️अब कोरोना वॉरियर्स पर हमला गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आएगा।

▪️इस पूरे मामले की जांच 30 दिनों में पूरी होगी और साल भर में फैसला आएगा।

▪️हमले के मामले में 3 महीने से 5 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है जिसे गंभीर मामलों में 6 महीने से 7 साल तक किया जा सकता है।

▪️घटना की गंभीरता के आधार पर 50 हजार से 2 लाख तक का जुर्माना तय किया गया है जिसे मामले की गंभीरता को देखते हुए 1 लाख से 7 लाख तक किया जा सकता है।

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