असदुद्दीन ओवैसी का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, कहा- किसानों से मुफ्त बिजली का हक छीनना चाहती है सरकार

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस कड़ाके की ठंड में हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर डेरा डाले हुए हैं। केंद्र सरकार की ओऱ से एक बार फिर किसानों से बातचीत करने की पहल की है और समयसीमा तय करने को कहा गया है। इससे पहले भी 6 दौरे की बातचीत हो चुकी है लेकिन नतीजा अभी भी कोसों दूर दिख रहा है।

दिल्ली और आसपास के बॉर्डरों पर आंदोलन कर रहे किसानों का विरोध नए कृषि कानूनों के आलावा प्रस्तावित बिजली बिल को लेकर भी है। विपक्षी पार्टियां भी किसान आंदोलन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर ले रही है। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

‘व्यवसायियों की तरह किसानों से भुगतान कराना चाहती है सरकार’

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि इस बिल को लेकर सरकार जो दावा कर रही है, सच्चाई उसके विपरीत है। उन्होंने कहा बिजली बिल के जरिए क्रॉस सब्सिजी से दूर करने का प्रस्ताव है। कई राज्य सरकारें किसानों को मुफ्त बिलजी देती हैं, प्रस्तावित बिल इसे बदलना चाहता है और किसानों को बिजली के लिए उच्च दर का भुगतान करवाना चाहता है।

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्होंने मई महीने में ही इस बिल के खिलाफ लिखा था। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में गरीब परिवार अनुदानित दरों पर भुगतान करते हैं और इसकी लागत औद्योगिक वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं से वसूल की जाती है। अब भाजपा किसानों, गरीब लोगों और अन्य घरेलू उपयोगकर्ताओं को बड़े व्यवसायों के समान भुगतान कराना चाहती है।

इन राज्यों में किसानों को फ्री मिलती है बिजली

बता दें, केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले कई महीनें प्रदर्शन चल रहे है। दिल्ली के बॉर्डर पर किसान आंदोलन के 26 दिन बीत चुके है और आगे कितने दिनों तक किसान सड़कों पर रहेंगे, इस पर संशय बरकरार है। कृषि कानूनों के साथ-साथ किसान प्रस्तावित बिजली बिल को लेकर भी विरोध जता रहे हैं।

किसान यूनियनों का कहना है कि अगर यह बिल कानून बन जाता है तो वे मुफ्त बिजली की सुविधा खो देंगे। किसानों के मुताबिक ये संशोधन बिजली के निजीकरण को बढ़ावा देगा और पंजाब में किसानों को दी जाने वाली मुफ्त बिजली सुविधा बंद करा देगा। गौरतलब है कि तेलंगाना औऱ पंजाब में किसानों को फ्री बिजली मिलती है। जबकि खबरों के मुताबिक राजस्थान में किसानों को 10,000 रुपये तक की फ्री बिजली मिलती है।

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