किस्सा: अनंत सिंह जिसने नीतीश कुमार को चांदी के सिक्कों से तौल दिया था

बिहार की राजनीति में पिछले कई दशकों से क्षेत्रीय पार्टियों का ही वर्चस्व रहा है। लालू यादव की सरकार के बाद से अभी तक प्रदेश में लगातार क्षेत्रीय पार्टियां ही सरकार बनाती आ रही है। पिछले कुछ दशकों में बिहार में एक से बढ़कर एक नेता हुए। कोई अपनी बेबाक बोली की वजह से प्रसिद्ध हुआ तो किसी ने बंदूक की गोली की वजह से नाम कमाया। बिहार की राजनीति में शुरु से ही बाहुबली नेताओं का बोलबाला रहा है। जिसमें सूरजभान सिंह, ललन सिंह, संजय सिंह, दिलीप सिंह जैसे नाम प्रमुख हैं।

इसी बीच हम आपको बिहार के एक ऐसे नेता के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके उपर 38 से ज्यादा मामले दर्ज है। जिसके यहां से पुलिस छापेमारी में एके-47 और हैंड ग्रेनेड समेत कई विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए। जिसके ऊपर एक महिला से बलात्कार और हत्या का मामला भी दर्ज है। उस नेता ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा सीट से 35 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। हम बात कर रहे हैं, अपनी बेबाक बोली और हठी स्वभाव के कारण बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बाहुबली नेता अनंत सिंह के बारे में…

नीतीश कुमार के करीबी थे अनंत सिंह

अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह अनंत सिंह आरजेडी और जदयू के कार्यकाल के दौरान खबरों में बने रहे। साल 2004 में पुलिस की एक स्पेशल टीम ने अनंत सिंह के घर पर छापेमारी की थी। जिसमें दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी हुई और Anant singh के 8 करीबी मारे गए थे। इस घटना के बाद अनंत सिंह सुर्खियों में आए थे।

खबरों के मुताबिक अनंत सिंह को राजनीति में लाने वाले बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही हैं। सुशासन बाबू के नाम से प्रसिद्ध नीतीश कुमार ने इस बाहुबली नेता को बिहार विधानसभा चुनाव 2005 में जदयू का टिकट दिया था और अनंत सिंह ने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी। बताया जाता है कि एक सभा के दौरान अनंत ने नीतीश कुमार को चांदी के सिक्कों से तौल दिया था। जिसके बाद से ही नीतीश कुमार और Anant singh के बीच नजदीकियां बढ़ गई।

एक पत्रकार की थी जमकर पिटाई

2005 में विधायक बनने के बाद भी Anant singh के कारनामें कम नहीं हुए। बता दें, साल 2007 में एक महिला से दुष्कर्म और हत्या के बाद भी विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में आए थे। खबरों के मुताबिक इस घटना को कवर करने गए एक निजी समाचार चैनल के पत्रकार को अनंत सिंह और उनके गुंडों ने जमकर पीटा। लेकिन पुलिस पर राजनीतिक प्रेशर होने के कारण Anant singh लगातार बचते रहे।

साल 2010 में भी जदयू के टिकट पर वह मोकामा से विधायक चुने गए। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में जदयू औऱ आरजेडी ने मिलकर चुनाव लड़ा। जिसमें जदयू ने मोकामा से अनंत सिंह का टिकट काट दिया। बताया जाता है इस घटना के बाद से ही Anant singh और नीतीश कुमार में दूरियां बननी शुरु हो गई। टिकट नहीं मिलने के बाद Anant singh ने मोकामा से निर्दलीय चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की।

2015 के बाद गिरने लगा अनंत सिंह का ग्राफ

विधानसभा चुनाव 2015 में जीत हासिल करने के बाद भी कई आपराधिक मामलों में अनंत सिंह की संलिप्तता की बातें सामने आई। जिसके बाद आखिरकार 24 जून 2019 को पटना पुलिस ने विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि Anant singh की पहुंच इतनी ऊपर तक थी कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले उनकी गिरफ्तारी करने का मन बना चुके एसएसपी जितेंद्र राणा का शासन ने तबादला कर दिया गया था।

लेकिन 23 जून को तबादले की भनक लगते ही एसएसपी राणा ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस केस से जुड़ी सारे तथ्य सार्वजनिक कर दिए। जिसके बाद 24 जून को नवनियुक्त एसएसपी विकास वैभव ने चार्ज लेते हीं कई जगहों पर छापेमारी कर अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

2020 में जेल में रहकर भी चुनाव जीत गए अनंत सिंह

बता दें, मौजूदा समय में अनंत सिंह जेल में सजा काट रहे हैं। लेकिन इससे इतर बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में उन्होंने मोकामा विधानसभा सीट से 35 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। जेल में रहकर ही आरजेडी की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले Anant singh ने जदयू के राजीव लोचन को जबरदस्त मात दी।

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