कौन हैं सचिन पायलट, जिन्हें राजस्थान में मुख्यमंत्री बनाने की मांग हो रही है ?

2018 में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने तीन राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ में जीत दर्ज की है. तीनों ही राज्य में बीजेपी की सरकार थी . लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा इन पांच राज्यों के चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त हाथ लगी है. जो तीन राज्य बीजेपी के पास थी वो अब कांग्रेस के पाले में चली गयी है और बाकि बचे दो राज्य तेलंगाना और मिजोरम में टीआरएस और मिजोरम नेशनल फ्रंट ने कब्ज़ा कर लिया है .

चलिए ये तो रही चुनावी परिणाम की बात, लेकिन अब परिणाम के बाद राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसको लेकर खीचातानी और संशय का माहौल बना हुआ है . राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी में ही गुटबाजी शुरू हो गयी है. पार्टी के कार्यकर्ता दो धरा में बट गये हैं . पार्टी की एक धरा अपने अनुभवी नेता अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है तो दूसरी धरा अपने युवा नेता सचिन पायलट को सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहती है. लेकिन युवा होने के चलते सचिन पायलट के पक्ष में अशोक गहलोत के मुकाबले ज्यादा लोग हैं जो उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं . और पायलट के लिए लगातार ‘वी वांट सचिन’ के नारे लगा रहे हैं.

दो-तिहाई विधायक सचिन पायलट के साथ

हालाकि बुधवार को हुई कांग्रेस के विधायक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा हुई और आम सहमति भी बनी. कहा जा रहा है कि कांग्रेस के दो-तिहाई विधायक सचिन पायलट के साथ हैं. जिसे कांग्रेस के आला कमान को सूचित कर दिया गया है . अब पूरा का पूरा फैसला कांग्रस अध्यक्ष राहुल गाँधी को करना है कि वो किसे मुख्यमंत्री पद के लिए चुनते हैं .

बता दें कि सचिन पायलट राजस्थान के टोंक विधानसभा सीट से भाड़ी मतों से विजय हुए हैं. उन्होंने बीजेपी के एक मात्र मुस्लिम प्रत्यासी युनुस खान को करारी शिकस्त दी है .

जान लिजिए कौन हैं सचिन पायलट ?

सचिन पायलट का जन्म उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 7 सितम्बर 1977 को हुआ . 2004 में महज 26 साल की उम्र में वो पहली बार दौसा से सांसद चुने गये . भारत में सबसे कम उम्र में सांसद बनने का कीर्तिमान स्थापित किया . जिसके बाद दुबारा वह 2009 में अजमेर से सांसद चुने गये . साथ ही सचिन पायलट पहले ऐसे भारतीय केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्‍होंने क्षेत्रीय सेना में अपनी सेवा दी है. वह 6 सितंबर 2012 को क्षेत्रीय सेना में शामिल हुए .

सचिन के पिता राजेश पायलट कांग्रेस की सरकार में केंद्रीय मंत्री थे . जिनका 11 जून 2000 को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी . सचिन की माँ रमा पायलट भी कांग्रेस की नेता हैं. दौसा उनकी माँ का ही संसदीय क्षेत्र रहा है .

फारूक अब्‍दुल्‍ला के हैं दामाद

omar abdulla, farooq and sachin pilot

सचिन पायलट ने 15 जनवरी 2004 को नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के चीफ और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्‍दुल्‍ला की बेटी साराह अब्दुल्ला से शादी की. सचिन और साराह की शादी और प्रेम के किस्सों ने मीडिया में ख़ूब सुर्खियाँ बटोरी और उस समय के चर्चित जोड़ियों में से एक थी . सचिन और साराह के दो बच्चें हैं आरान और विहान . मजेदार बात यह है कि सचिन ने शादी से पहले कभी राजनीति में आने की नही सोंची थी.

लेकिन साराह से शादी के बाद हालात कुछ ऐसे बने की उन्हें राजनीति में आना पड़ा . हुआ यूँ की ससुर जी उनसे रूठे पड़े थे… उनकी बेटी से लव मैरिज जो की थी साहब ने! फिर अपने आप को ससुर के नजर नेक और कर्मठ साबित करने के लिए सचिन ने राजनीति में एंट्री ली. और जब वो 2004 में चुनाव जीत गये तब ससुर ने उन्हें दामाद के रूप में स्वीकार किया.

लंदन में हुई थी मुलाकात

sachin pilot-sarah abdullah

सचिन और साराह की लव स्टोरी लंदन में शुरू हुई थी. दोनों एक फैमिली फंक्शन में मिले थे. लंदन में ही दोनों में दोस्ती हुई, उसके बाद करीब 3 साल दोनों ने डेटिंग की और फिर शादी कर ली . दिलचस्प बात यह है की शादी में अब्दुल्ला परिवार से कोई नही आया. अब्दुल्ला परिवार इस शादी से खुश नही था .

बहरहाल, 2018 विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट ने एड़ी-चोटी का जोड़ लगा कर एक के एक 230 ताबड़तोड़ रैलियां की. उसी का नतीजा है कि राजस्थान में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है .

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Praful Shandilya

praful shandilya is a journalist, columnist and founder of "The Nation First"

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