किसान संगठनों को ‘कुकुरमुत्ता’ बताने वाले बीजेपी नेता ने कहा- ये कैसे संगठन हैं जो किसानों का हित नहीं चाहते

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों को लेकर देश में आंदोलन तेज है। राजधानी दिल्ली के बॉर्डरों पर किसान पिछले 2 महीनें से इस कड़ाके की ठंड में नए कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक अभी तक 76 किसानों की मौत हो चुकी है। साथ ही सरकार औऱ किसान नेताओं के बीच 10 दौरे की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक समाधान निकल कर सामने नहीं आया है।

बीजेपी के नेता किसान आंदोलन और किसान संगठनों को लेकर बयानबाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी बीच बीजेपी शासित मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने एक बार फिर से किसान संगठनों पर सवाल उठाया है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताते हुए सरकार से कानूनों को जारी रखने का आग्रह किया है।

पीएम किसी के दबाव में न आएं…

बीजेपी नेता ने नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े संगठनों को किसान संगठन मानने से ही इनकार कर दिया है। उन्होंने एक बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वह किसी के दबाव में न आएं और किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए तीनों कृषि कानूनों को जारी रखें।

कमल पटेल ने किसान संगठनों के रवैये पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह संगठन किसानों के हैं ही नहीं, ये वो विरोधी ताकते हैं जो नहीं चाहतीं कि किसानों का भला हो। उन्होंने कहा कि ‘ये कैसे किसान संगठन हैं जो किसानों का भला होते हुए भी नहीं देख पा रहे। वास्तव में यह कृषि कानून किसानों के हित में हैं और किसानों की दशा और दिशा बदलने वाले हैं और विरोधी ताकतें किसानों का भला होते हुए नहीं देख पा रहीं।‘

‘किसान संगठन ‘कुकुरमु्त्तों’ की तरह उग आए हैं’

मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ने विपक्षी पार्टियों को निशाने पर लिया। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा शुरु की गई किसान सम्मान निधि का भी जिक्र किया। बीजेपी नेता ने कहा, आजादी के बाद पहली बार किसानों को सम्मान निधि देने की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जिसकी मांग खेती में नुकसान के बाद भी किसान संगठनों ने नहीं की थी।

बता दें, बीजेपी नेता कमल पटेल इससे पहले भी किसान आंदोलन औऱ किसान संगठनों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि ये किसान संगठन ‘कुकुरमु्त्तों’ की तरह उग आए हैं। ये किसान नहीं हैं, बल्कि व्हीलर डीलर और एंटी नेशनल हैं। इनके अलावा कई अन्य बीजेपी नेताओं ने भी किसान आंदोलन पर बयानबाजियां की है।

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