लाल किले पर झंडा फहराने वाला दीप सिद्धू है बीजेपी का कार्यकर्ता- राकेश टिकैत

गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी दिल्ली में जमकर उपद्रव हुआ। कई जगहों पर हिंसा, तोड़-फोड़ आदि की घटनाएं सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में कई पुलिस वाले घायल भी हुए हैं। लाल किले को पर कुछ उपद्रवियों ने खालसा पंथ का झंड़ा लहरा दिया। हालांकि, लाल किले पर झंडा फहराने वाले कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है। किसान नेता उन्हें बीजेपी का एजेंट बता रहे। खबरों के मुताबिक बीते दिन हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने अभी तक 22 से ज्यादा एफआईआर दर्ज किए हैं।

किसान नेताओं ने भी स्पष्ट किया है कि हिंसा करने वालों का किसान आंदोलन में कोई जगह नहीं है। हिंसा फैलाने वाले कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है, उन्हें आंदोलन से जाना होगा और उनपर कार्रवाई भी होगी। इसी बीच किसान नेता राकेश टिकैत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वह लोगों से लाठी-डंडा साथ लेकर आने की अपील करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद अब उन्होंने अपनी गलती मानते हुए सफाई दी है।

हिंसा करने वालों पर होगी कार्रवाई

आज बुधवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘हमने कहा था कि लाठी ले आओ। कृपया मुझे लाठी के बिना झंडे दिखाएं, मैं अपनी गलती स्वीकारुंगा।‘ उन्होंने आगे कहा कि कुछ अशिक्षित लोग ट्रैक्टर चला रहे थे और उन्हें दिल्ली के रास्ते का पता नहीं था। प्रशासन ने उन्हें दिल्ली की ओर जाने का रास्ता बताया। वे सभी किसान दिल्ली गए और घर लौट आए। उनमें से कुछ अनजाने में लाल किले की ओर चले गए। पुलिस ने उन्हें वापस लौटने के निर्देश दिए।

राकेश टिकैत ने कहा, जिसने झंडा फहराया वो कौन आदमी था? एक कौम को बदनाम करने की साजिश पिछले दो महीने से चल रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग को चिन्हित किया गया है उन्हें आज ही यहां से जाना होगा। जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

दीप सिद्धू बीजेपी कार्यकर्ता हैं- राकेश टिकैत

लाल किले पर झंडा फहराने का आरोप दीप सिद्धू को कई किसान नेता बीजेपी का एजेंट बता रहे हैं। बताया जा रहा है कि वो पंजाब के गुरुदासपुर से बीजेपी सांसद शनि देओल का करीबी है। हालांकि, बीजेपी सांसद ने भी स्पष्ट कर दिया है कि उनका औऱ उनके परिवार का दीप सिद्धू से कोई संबंध नहीं है। राकेश टिकैत ने दीप सिद्धू पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “वह सिख नहीं है, वे बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। पीएम के साथ उनकी एक तस्वीर भी है। उन्होंने कहा, यह किसानों का आंदोलन है और ऐसा ही रहेगा। कुछ लोगों को तुरंत इस जगह को छोड़ना होगा।“ किसान नेता ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ी हैं वे कभी भी आंदोलन का हिस्सा नहीं होंगे।

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