किसानों ने दिया हेमा मालिनी को ऑफर, कहा- पंजाब आकर समझाएं कानून के फायदे, खर्च किसान और मजदूर उठाएंगे

किसान आंदोलन को लेकर देश में सियासत चरम पर है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की बॉर्डरों पर पिछले 53 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इस कड़ाके की ठंड में आंदोलन कर रहे किसानों में से अभी तक लगभग 100 किसानों की मौत हो चुकी है। किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों के बीच भी कई दौरे की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी किसी भी तरह का कोई नतीजा निकल कर सामने नहीं आया है। किसान आंदोलन को लेकर देश में जमकर बयानबाजियां भी हो रही है।

पिछले कुछ समय में बीजेपी के कई नेताओं ने किसान आंदोलन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। बीते दिनों बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने कहा था कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को ये पता नहीं है कि उन्हें क्या चाहिए, क्योंकि उनका कोई एजेंडा नहीं है। उनके इस बयान पर अब किसान दलों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। किसानों ने उन्हें पंजाब आकर नए कृषि कानूनों के फायदे बताने का न्योता दिया है और साथ ही उनका पूरा खर्च उठाने की बात भी कही है।

‘आपके बयान ने हर पंजाबी को चोट पहुंचाई है’

बीते दिन रविवार को कांढी किसान संघर्ष समिति ने हेमा मालिनी को लिखे एक पत्र में यह बात कही। इस किसान समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह घुम्मन और बड़े नेताओं ने कहा कि उन्हें पंजाब में भाभी के रुप में सम्मान मिला है। भाभी मां के बराबर होती है और उन्होंने खुद चुनावी अभियान के दौरान कहा था कि वो पंजाब की बहू है।

खबरों के मुताबिक किसानों ने चिट्ठी में आगे लिखा, ‘अपनी फसल की सही कीमत की मांग करते हुए पिछले 51 दिनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन रहे हैं और लगभग 100 किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे समय पर आपके बयान ने हर पंजाबी को चोट पहुंचाई है। किसान कड़ी मेहनत कर फसल उगाता है. वो अपनी फसल को यूं ही किसी भी दाम पर नहीं बेच सकता।’

चिट्ठी में केकेएससी के हवाले से लिखा गया, ‘आप कह रही है कि हम नहीं जानते कि हमें क्या चाहिए तो कृपया पंजाब आएं और हमें समझाएं कि हमें ऐसा क्या करना चाहिए ताकि दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान अपनी जान कुर्बान न करें।‘ खबरों के मुताबिक चिट्ठी में किसानों की ओऱ से कहा गया है कि वे फाइव स्टार होटल में हेमा मालिनी के ठहरने का इंतजाम करेंगे और पूरा खर्च किसान और मजदूर उठाएंगे।

जानें, क्या था हेमा मालिनी का बयान?

बता दें, पिछले दिनों मथुरा लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने कहा था कि धरने पर बैठे किसानों को ये भी नहीं पता है कि उन्हें क्या चाहिए और कृषि कानूनों के साथ असली दिक्कत क्या है। इससे ये साफ होता है कि उन्हें किसी ने कहा और वो लोग धरने पर बैठ गए है। उनके इस बयान को लेकर ही किसानों ने प्रतिक्रिया दी है।

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