आज चक्का जाम में फंसे लोगों को किसान मुहैया कराएंगे खाना-पानी, राजमार्गों को करेंगे बाधित

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों का विरोध जोर-शोर से हो रहा है। दिल्ली के गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान आंदोलन का आज 73वां दिन है। किसान केंद्र सरकार से एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं और इस नए कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों के बीच अंतिम बैठक 23 दिसंबर को हुई थी, 26 जनवरी के दिन ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसाके बाद अभी तक कोई बैठक नहीं हुई है। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के बाद अब आंदोलन को धार देने के लिए किसान संगठनों ने आज देशव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है।

शांतिपूर्ण तरीके से होगा चक्का जाम

आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा। किसान देश के अन्य हिस्सों में शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को बाधित करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि शनिवार को उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा लेकिन इन राज्यों के किसानों को कभी भी दिल्ली बुलाया जा सकता है।

दूसरी ओर किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया कि 3 घंटे के चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस और स्कूल बस जैसी आवश्यक सेवाओं को रोका नहीं जाएगा।

चक्का जाम में फंसे लोगों को खाना-पानी देंगे किसान

बता दें, देशव्यापी चक्का जाम का प्रस्ताव आज शनिवार दोपहर 12 से 3 बजे का है। इस दौरान किसान राष्ट्रीय राजमार्गों को बाधित करेंगे। साथ ही आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को कहीं भी नहीं रोका जाएगा। किसानों ने कहा है कि वे चक्का जाम में फंसे लोगों को खाना और पानी मुहैया कराएंगे।

किसान आंदोलन वाले इलाकों में पिछले कई दिनों से इंटरनेट सेवा पर रोक लगी है। जिसे लेकर विपक्षी पार्टियों समेत कई नामी हस्तियों ने भी चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि आज चक्का जाम के जरिए किसान इंटरनेट सेवा के निलंबन को लेकर प्रतीकात्मक विरोध जता सकते हैं।

गौरतलब है कि किसान आंदोलन पिछले 72 दिनों से चल रहा है। केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच 11 दौरे की बातचीत हो चुकी है। किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे कानून को रद्द नहीं करेंगे। हालांकि, सरकार की ओर से कानून में संशोधन की बात कही गई है।

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