कर्नाटक चुनाव: हां-ना के पेंच में फंसी कांग्रेस

बिहार और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों को छोड़ दें तो शायद ही भारत में कोई ऐसा राज्य है जहां राजनीतिक उठापटक जरूरत से ज्यादा होती हो । लेकिन पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक भी उठापटक की राजनीति में बिहार और उत्तर प्रदेश के समानांतर में खड़ा है । कर्नाटक चुनाव के नतीजे आ जाने के बाद लगने लगा था कि अब यहां की राजनीति ठंडे बस्ते में पड़ जाएगी लेकिन ऐसा होता बिल्कुल नहीं दिख रहा ।

यहां की राजनीतिक माहौल शांत होता इससे पहले कांग्रेस के नेता और उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने कहा कि हमने 5 साल जेडीएस को समर्थन देने का गैरन्टी नहीं लिया है । जेडीएस के पास 37 सीट होने के बावजूद एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद के लिए सपथ ले चुके हैं । जिसके बाद  परमेश्वर के इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक अटकलें तेज कर दी हैं । उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी को बतौर मुख्यमंत्री 5 साल तक समर्थन देने का फैसला पार्टी ने फिलहाल नहीं लिया है ।

इस मुद्दे पर अभी चर्चा होना बाकी है और चर्चा होने के बाद ही आखिरी फैसला लिया जा सकता है । उन्होंने कहा कि हमारा पहला मकसद है शक्ति परीक्षण में बहुमत साबित करना । मुख्यमंत्री पद साझा करने और अन्य मुद्दों पर फैसला लेना बाकी है ।  कांग्रेस का ऐसा बयान जेडीएस के नेताओं की बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी है और यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब शुक्रवार को यानी आज जेडीएस को अपना बहुमत साबित करना है । कांग्रस का यह रवैया साफ करता है कि भाजपा को कर्नाटक की राजनीति से दूर रखने के लिए भले ही उसने जेडीएस के साथ हाथ मिला लिया हो लेकिन दोनों पार्टियों के बीच के दरार अभी से ही नज़र आने लगी है

जबकि अभी विभागों का बटवारा बाकी है और विभागीय बटवारे को लेकर दोनों पार्टियों में विवाद हो सकता है. कांग्रेस के पास अधिक सीट होने के बावजूद मुख्यमंत्री का पद जेडीएस को दिया गया है जबकि जेडीएस के पास मात्र 38 विधायक हीं हैं । दरअसल विवाद इस बात से बढ़ सकता है कि जेडीएस को मुख्यमंत्री का पद देने के बाद सारे अहम पद कांग्रेस खुद के पास रखना चाहेगी जो शायद जेडीएस के ऐसे नेताओं को यह रास न आये जो किसी खाश पद का आस लगाए बैठे हैं ।

यह भी पढ़ें:

कर्नाटक चुनाव: बीजेपी या कांग्रेस आखिर किसने की लोकतंत्र का हत्या ?

 

Facebook Comments

Rahul Tiwari

राहुल तिवारी 2 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वो इंडिया न्यूज़ में भी काम कर चुके हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *