गुजरात: फीस से ज्यादा वसूली करने पर निजी अस्पतालों के लाइसेंस होंगे रद्द

कोरोना काल मे गुजरात सरकार द्वारा एक बड़ा फैसला लिया गया है जिसमें निजी अस्पतालों के निर्धारित फीस से ज्यादा वसूलने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने यह भी कहा है कि अब प्राइवेट डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन पर कोरोना का प्राइवेट लैब में टेस्ट कराना हो तो इसके लिए सरकारी अनुमति की जरूरत नहीं होगी।

कोरोना जैसी महामारी में भी गुजरात में प्राइवेट अस्पताल मरीजों से लाखों रुपये इलाज के नाम पर वसूल रहे हैं। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सरकार ने सख्ती अपनाने का निर्देश दिया है। गुजरात सरकार के डिप्टी सीएम और हेल्थ मिनिस्टर नीतिन पटेल ने गुरुवार को कहा कि जो अस्पताल गुजरात सरकार के जरिये तय फीस से ज्यादा वसूली करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि गुजरात सरकार महामारी अधिनियम के तहत ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस तक रद्द कर सकती है।

गुजरात में पिछले कुछ दिनों से लगातार इस तरह की शिकायत आ रही है कि प्राइवेट अस्पताल कोरोना मरीजों से लाखों रुपये इलाज के नाम पर वसूल रहे हैं जो अमानवीय व्यवहार तो है ही तथा कानून के भी ख़िलाफ़ है । गुजरात में कुल मरीजों का आंकड़ा 21 हजार से अधिक है, जिसमें 1347 लोगों की मौत हो चुकी है।

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