ब्रिसबेन टेस्ट टीम इंडिया के नाम, भारत के सामने बेदम हुआ आस्ट्रेलिया, जीती 2-1 से सीरीज

भारत और आस्ट्रेलिया के बीच हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने 2-1 से शानदार जीत हासिल की है। जबकि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में हुए सीरीज का तीसरा मैच ड्रॉ हुआ था। ब्रिसबेन में हुए चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने कमाल का खेल दिखाय और गाबा में हार के सूखे को खत्म करते हुए आस्ट्रेलिया का सपना भी तोड़ दिया। आस्ट्रेलियाई टीम को 32 सालों के बाद ब्रिसबेन में हार नसीब हुई है। दरअसल, सिडनी टेस्ट के दौरान आस्ट्रेलियाई कप्तान टीम पेन ने भारतीय खिलाड़ियों से छींटाकशी करते हुए उन्हें गाबा आने की चुनौती दी थी।

लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के आगे आस्ट्रेलियाई टीम बेदम साबित हुई। गाबा के सबसे खतरनाक मैदान पर जहां कोई भी टीम जीतने में असफल रही थी, वहां भारत ने सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर झंडा गाड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया को आखिरी बार इस मैदान पर 1988 में हार का सामना करना पड़ा था। तब वेस्टइंडीज ने उसे मात दी थी, लेकिन इसके बाद से ऑस्ट्रेलिया को कभी भी हार नहीं मिली। इसके बाद से गाबा के मैदान में 31 टेस्ट खेले गए, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 24 में जीत हासिल की जबकि 7 टेस्ट ड्रॉ रहे थे।

दिग्गजों ने जताई थी हार की आशंका

दरअसल, 4 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले ही मैच के बाद भारतीय टीम के रेगुलर कप्तान विराट कोहली भारत लौट आए थे। जिसके बाद कई बड़े खिलाड़ियों ने टिप्पणी की थी कि विराट के बिना भारतीय टीम 0-4 से सीरीज हार जाएगी। लेकिन भारत को अपने खिलाड़ियों और कप्तान आंजिक्य रहाणे पर पूरा भरोसा था। पहले टेस्ट में एडिलेट में टीम इंडिया बुरी तरह से हार गई थी। जिसके बाद मेलबर्न में हुए दूसरे टेस्ट मैच में आंजिक्य रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार जीत हासिल की।

कप्तान रहाणे ने उस मैच में शतकीय पारी खेली और मैन ऑफ द मैच भी बने थे। उस जीत के साथ सीरीज 1-1 से बराबर हो गई थी। जिसके बाद सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में हुआ तीसरा टेस्ट ड्रॉ हुआ था। उस टेस्ट में आर अश्विन और हनुमा विहारी ने कमाल अंतिम दिन आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और लगातार साढ़े तीन घंटे बल्लेबाजी कर मैच को ड्रॉ करा दिया था। लेकिन इंजरी के कारण वे दोनों ही ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर हो गए।

सिराज और शार्दुल रहे मैच के हीरो

सीरीज कौ चौथा औऱ निर्णायक मुकाबला ब्रिसबेन में खेला गया। जिसमें भारतीय टीम ने अनुभवहीन खिलाड़ियों के होते हुए भी शानदार जीत हासिल की। अपना पहला टेस्ट सीरीज खेल रहे मोहम्मद सिराज ने इस सीरीज में कुल 13 विकेट चटकाएं और इसके साथ ही वो भारत की ओर से डेब्यू टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए है। ब्रिसबेन टेस्ट में आस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में कम स्कोर पर समेटने भी सिराज ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 5 विकेट चटकाए। जबकि शार्दुल ठाकुर ने दूसरी पारी में 4 आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई।

पूरी आस्ट्रेलियाई टीम 294 रनों पर सिमट गई थी। जिसके बाद भारत को जीत के लिए चौथी पारी में सीड सहित 328 रनों का लक्ष्य मिला था। चौथी पारी तक पीच की स्थिति काफी खराब हो जाती है, ऐसे में इस बड़े स्कोर का पीछा करना भारतीय टीम के लिए काफी मुश्किल भरा दिख रहा था। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी। अपना पहला टेस्ट सीरीज खेल रहे शुभमन गिल ने पांचवे दिन 8 चौके और 2 छक्के की मदद से 91 रनों की लाजवाब पारी खेली और आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को हावी नहीं होने दिया।

ऋषभ पंत ने बनाए 89 रन

टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा ने 56 रनों की शानदार पारी खेली। वे तीसरे सेशन के अंत तक पीच पर डटे रहे। आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बॉडी लाइन, बाउंसर के साथ-साथ हर तरह के हथकंडे अपना लिए, कई बार तो बॉल उनके हेलमेट पर लगी। लेकिन वे आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की खबर लेते रहे। उनके आउट होने के बाद ऋषभ पंत ने मोर्चा संभाला। पंत ने 9 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 89 रनों की पारी खेली और भारतीय टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी।

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