मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किसान आंदोलन को बताया टुकड़े-टुकड़े गैंग का प्रयोग, कहा-….

नए कृषि कानूनों को लेकर देश में सियासत चरम पर है। एक ओर किसान हरियाणा, पंजाब और यूपी समेत कई राज्यों के किसान दिल्ली की बॉर्डरों पर आंदोलन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टियां सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है। किसान आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी लगातार बयानबाजियां हो रही है। पिछले दिनों कई बीजेपी नेताओं ने आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकवादी बताया था। इसी बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी किसान आंदोलन पर टिप्पणी की है। उन्होंने किसान आंदोलन को टुकड़े-टुकड़े गैंग का प्रयोग बताया है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि यदि यह सफल हुआ तो यह गैंग CAA, अनुच्छेद-370 और राम मंदिर के मुद्दे पर भी दबाव बनाएगा।

किसानों के बहाने कांग्रेस पर निशाना

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा, ‘केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी किसानों से चर्चा के सभी विकल्प खुले रखे हैं। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर्दे के पीछे से बातचीत में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। असल में अपना वजूद बचाने के लिए संघर्षरत कांग्रेस की किसान आंदोलन के नाम पर घड़ियाली आंसू दिखाना मजबूरी बन गई है।’

नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया, ‘किसानों का धरना कोई जनांदोलन नहीं, टुकड़े-टुकड़े गैंग का एक ऐसा प्रयोग है जो सफल हो जाए तो इसके बाद गैंग CAA, अनुच्छेद 370 और राममंदिर के मुद्दे पर भी दबाव बनाने का रास्ता खोल सके।’ उन्होंने कहा प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि नया कृषि कानून काला कानून है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं कि इसमें काला क्या है।

यह भी पढ़ें: किसान आंदोलन में पड़ी फूट! किसान नेता राकेश टिकैत पर लगे आंदोलन को बेचने के आरोप

किसान कर रहे MSP पर कानून बनाने की मांग

बता दें, केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर डटे हुए हैं। किसान लगभग 70 दिनों से इस कानून के खिलाफ दिल्ली के ब़ॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्र सरकार से कानून रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार और किसान नेताओं के बीच 11 दौरे की बातचीत हो चुकी है लेकिन नतीजा अभी भी कोसो दूर नजर आता है। किसानों की मांग है कि नए कृषि कानूनों को रद्द कर एमएसपी पर कानून बनाया जाए। हालांकि, केंद्र सरकार ने कानूनों को रद्द करने से इनकार कर दिया है लेकिन कानूनों को होल्ड पर रखने की बात कही है।

यह भी पढ़ें:

अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र ने की हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी, देवेंद्र फडणवीस ने सीएम को लिखा पत्र

TMC सांसद नुसरत जहां ने बताया, आखिर क्यों जय श्रीराम के नारे से नाराज हुई थी ममता बनर्जी?

पेट्रोल की कीमत पर सुब्रमण्यम स्वामी का तंज, रावण की लंका में कीमत 51 रुपये, राम के भारत में कीमत पहुंची 93 रुपये/लीटर

नए कृषि कानूनों पर किसानों में रोष व्याप्त, 6 फरवरी को देश भर में चक्का जाम करेंगे किसान

लेटेस्ट खबरों के लिए हमारे facebooktwitterinstagram और youtube से जुड़े

Facebook Comments

Leave a Reply