मुजफ्फरपुर शेल्टरहोम: आरोपियों को बचाने के आरोपों पर सीबीआई ने दी सफाई, 11 लड़कियों के मर्डर की आशंका

पटना के सीबीआई एसपी देवेंद्र सिंह ने बिहार के मुजफ्फरपुर में 11 लड़कियों की हत्या के आरोपी ब्रजेश ठाकुर को बचाने के आरोप को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी सफाई पेश की है. देवेंद्र सिंह ने 30 पन्नों का एक हलफनामा कोर्ट में पेश किया है. इस हलफनामे में सीबीआई नें कहा है कि ब्रजेश ठाकुर पर 11 लड़कियों की हत्या के आरोप की जांच चल रही है.

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि ब्रजेश के सहयोगी गुड्डू पटेल जो कि एक आरोपी है उसके निशानदेही पर श्मशान घाट में खुदाई के दौरान हड्डीयों की पोटली मिली है, जिसकी फोरेंसिक जाँच रिपोर्ट आना बाकी है. कार्ट ने सारी दलीलों को सुनने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई 6 मई को तय किया है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ती दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है. याचिकाकर्ता निवेदिता झा ने सीबीआई पर यह आरोप लगाया था कि सीबीआई आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है. उनकी दलील थी कि सीबीआई ने न तो आरोपियों पर हत्या जैसे अपराध की धाराएं दर्ज की हैं और न ही इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई की है. सुप्रीम कोर्ट ने इसी पर सीबीआई से जवाब मांगा था जिसके बाद सीबीआई ने जवाब के रूप में 30 पन्नों का हलफनामा पेश किया.

बता दें कि यह मामला मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में 34 लड़कियों से दुष्कर्म होने से जुड़ा है जिसमें टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के द्वारा बिहार के समाज कल्याण विभाग को भेजी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में लड़कियों से ज्यादती होने का खुलासा हुआ था. यह आश्रय गृह बृजेश ठाकुर चलाता था.जो पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का दोस्त है. पिछले साल 31 मई को ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी जिसमे मंजू वर्मा का भी नाम आया था जिसके बाद मंजू ने बिहार की कैबिनेट से इस्तीफा दिया था.

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