क्यों 14 मिनट तक लापता रहा सुषमा स्वराज का विमान ?

रविवार को अपने पांच दिवसीय दौरे पर दक्षिण अफ्रीका जा रही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का विमान रास्ते में करीब 14 मिनट तक लापता रहा . इस बीच सभी की धरकने बढ़ गयी थी . हलाकि अब वो सुरक्षित अफ्रीका पहुँच चुकी है, जहाँ उन्हें देश के शीर्ष नेताओं से मिलना है और ब्रिक्स व आईबीएसए शिखर सम्मेलनों में भाग भी लेना है .

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारतीय वायुसेना के एक वीआईपी विमान मेघदूत से रविवार 3 जून को रवाना हुई थी लेकिन रास्ते में ही उनके विमान का हवाई यातायात नियंत्रण से संपर्क टूट गया । संपर्क को दुबारा स्थापित करने में लगभग 14 मिनट तक का समय लगा । यह घटना मॉरिशस में प्रवेश करने के बाद हुई जब विमान का संपर्क मॉरिशीयन हवाई यातायात नियंत्रण से कुछ देर के लिए टूटा । मॉरिशस में संपर्क टूटने से पहले चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल ही आखिरी बार एम्ब्रायर ईआरजे 135 मेघदूत से संपर्क में था इसलिए विदेश मंत्रालय ने वहाँ से भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की थी ।

बता दें कि स्वराज के विमान को दिल्ली से दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन तकनीकी स्टॉप लेने पड़े जिसमें ईंधन भरने के लिए विमान तिरूवनंतपुरम रुका , ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विमान की रेंज कम थी और उसके बाद दुपहर दो बज कर आठ मिनट पर विमान ने मॉरिशस के लिए उड़ान भरी ।

यह भी पढ़ेंपाकिस्तान को सुषमा स्वराज की दो टूक, कहा- आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं

घटना के वक़्त 12 मिनट बाद मॉरिशस अथॉरिटी द्वारा आपातकालिन बटन दबाया गया । एएआई की मानें तो, आमतौर पर संपर्क टूटने के 30 मिनट बाद तक इंतज़ार करने पर विमान को गायब घोषित कर दिया जाता है परंतु खुशकिस्मती इस बात की रही कि सुषमा स्वराज के विमान को 12-14 मिनट के अंदर ही संपर्क में ले लिया गया।

मॉरिशस पहुचने पर सुषमा स्वराज नें पीएम प्रवीन जुगनौथ से मुलाकात की । इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना हुई । सुषमा स्वराज वहाँ ब्रिक्स और इब्सा समूह के देशों के सम्मेलन में शामिल होंगी। इस दौरान वह भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगी । स्वराज वहाँ के पांच दिन के दौरे पर गयीं हैं और इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देंगी । इस बात से बेहद राहत मिली है की सुषमा स्वराज सकुशल जोहान्सबर्ग पहुंच चुकी हैं ।

क्यों टुटा विमान से संपर्क

इस घटना को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने किसी भी तरह की विशेष जानकारी देने से इनकार कर दिया है । अधिकारियों के मुताबिक यह घटना वीएचएफ कम्यूनिकेशन के कारण हुआ है जो कि डार्क क्षेत्रों में थोड़ी कमजोर तकनीक है । बड़ा क्षेत्र होने के कारण इस इलाके में कोई रडार कवरेज नहीं है।

ByRadhika Gautam

Facebook Comments

The Nation First

द नेशन फर्स्ट एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है जो देश-दुनिया की खबरों के साथ-साथ राजनीति, मनोरंजन, अपराध, खेल, इतिहास, व्यंग्य से जुड़ी रोचक कहानियां परोसता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *