गोपाल जैसे सनकी उन्मादी इस देश में हजारों में नहीं लाखों की संख्या में हैं

दिल्ली के जामिया नगर में आज ( 30 जनवरी ) जो हुआ वो कभी ना कभी होना ही था. देश जिस दिशा में जा रहा है बहुत संभव है कि ऐसी घटनाएं आने वाले दिनों में और देखने को मिले क्योंकि गोपाल जैसे सनकी और उन्मादी लोगों की संख्या इस देश में सौ या हजार में नहीं लाखों में है जो धर्मो के ठेकेदार बने बैठे हैं, फर्जी राष्ट्र भक्ति की दुकान चला रहे हैं. गोपाल अपने आप को राम भक्त कहता है. मैं उसे राम भक्त बिलकुल नहीं कहूँगा. क्योंकि अगर वो राम भक्त होता तो राम के सिद्धांतों को जानने की कोशिश करता. उन्हें अपने जीवन में उतारने की कोशिश करता. अगर वो राम भक्त होता तो राम के वक्तितव को जरूर समझता. वो जानता कि राम प्रेम का नाम है. राम समर्पण का नाम है. राम त्याग का नाम है. राम न्याय का नाम है. लेकिन, नहीं उसे तो सिर्फ राम के नाम पर नफरत और उन्माद फैलाना है.

राम और अल्लाह के नाम पर उन्माद बेचने वाले हर चौक हर चौराहे पर मिलेंगे आपको. देश में धर्म और जाति के नाम पर नफरतों का ऐसा बाजार तैयार किया जा रहा है जिसमें एक दिन हर गली हर सड़क जलकर राख हो जायेगी. धर्म के नाम पर सैकड़ों गोपाल और असलम तैयार हो रहे हैं. इनके अंदर इतनी जहर भरी जा रही है एक-दूसरे के प्रति मानो जैसे गोपाल सोंच रहा हो अगर असलम ना हो तो दुनिया स्वर्ग है. वहीं असलम को लगता है अगर गोपाल ना होता तो दुनिया जन्नत होती.

जो काम पहले गुलाम भारत में अंग्रेजी हुकूमत किया करती थी वही काम आज आजाद भारत में हमारे राजनेता कर रहे हैं. चुनाव जीतने के लिए दो धर्मों के बीच नफरतों की दीवारें खड़ी कर रहे हैं. वो भलीभांति जानते हैं हमारी कमजोरी क्या है ! यही राजनेता गोपाल और असलम जैसे धार्मिक उन्मादी पैदा करते हैं.

याद कीजिये दिल्ली के इस चुनावी मौसम में बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा का शाहीन बाग को लेकर दिया गया बयान, अनुराग ठाकुर का ”देश के गद्दारों को गोली मारो …. को” वाला बयान, कपिल मिश्रा का हिन्दुस्तान बनाम पाकिस्तान वाला बयान, देश के गृह मंत्री अमित शाह का शाहीन बाग़ में करंट भेजने वाला बयान, प्रधानमंत्री मोदी का कपड़ो से पहचानने वाला बयान और फिर शाहीन बाग़ में पुलिस के सामने बंदूक लहराता उस गोपाल रामभक्त का ख्याल कीजिये. सोंचिये कि उन जैसे लड़कों को कौन गुमराह कर रहा है ? एक लड़का जो अभी 18 साल का भी नहीं हुआ. जिसने ठीक से दुनिया नहीं देखी. जिसे हमारी संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान नहीं. उसके अंदर इतनी गहरी नफरत के बीज कैसे पनपी ?

अगर गोपाल के फेसबुक पर किये गये पोस्ट और उसकी प्रोफाइल को आप देख पाते तो आपको पता लगता की ये लड़का कितनी नफरत अपने अंदर लिए जी रहा है! किन लोगों की संगति में है. इसकी इस मानसिकता के पीछे कौन लोग हैं! लेकिन उसकी प्रोफाइल अब डीएक्टिवेट कर दी गयी है.

गोपाल फायरिंग से पहले फेसबुक पर एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से पोस्ट कर अपनी मंशा जाहिर करता है. वह सुबह 10.43 मिनट पर लिखता है: कृपा. सभी भाई मुझे SEE FIRST कर लें. दोपहर 1 बजे 2 पोस्ट करता है: मेरे घर का ध्यान रखना. मैं यहां अकेला हिंदू हूं. दोपहर 1.14 बजे : मेरी अंतिम यात्रा पर मुझे भगवा में ले जाएं और जय श्री राम के नारे हों. दोपहर 1.22 बजे: कोई हिंदू मीडिया नहीं है यहां. दोपहर 1.25 बजे : शाहीन भाग खेल ख़त्म

गोपाल फेक न्यूज़ का भी शिकार था उसके प्रोफाइल पर कई ऐसे पोस्ट थे जो पूरी तरह निराधार और झूठे थे. इन सब को देखकर यही लगता है कि “गोपाल रामभक्त” व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ज्ञान प्राप्त करने वाला बहका हुआ भ्रम जाल में फसा हुआ निहायती बुद्धिहीन लड़का है.

इसीलिए, मेरी आपसब से गुजारिश है की खबरों को लेकर जागरूक रहे . व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप से मिली किसी जानकारी को सच मान कर ना बैठ जाए. नेताओं के बयानों को गंभीरता से ना लें. सोंचे, विचारें अपनी बुद्धि चलाएं

नब्ज पकड़िये…चेक कीजिये कहीं आपके अंदर का पत्रकार मर तो नहीं रहा

देश का द्वेष

ऐसे कैसे यूँ ही हार जाएं हम!

लेटेस्ट खबरों के लिए हमारे facebooktwitterinstagram और youtube से जुड़े

Facebook Comments

Praful Shandilya

praful shandilya is a journalist, columnist and founder of "The Nation First"

Leave a Reply