‘…जल्द ही हमारे देश के राज्य भी सोवियत संघ की तरह टूट जाएंगे’- शिवसेना

बीजेपी की पूर्व सहयोगी पार्टी शिवसेना ने एक बार फिर से गैर-बीजेपी राज्यों के प्रति केंद्र सरकार की बानगी को देखते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सामना के संपादकीय में लिखा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संबंध खराब होते जा रहे हैं और बहुत ही जल्द हमारे देश के राज्य भी सोवियत संघ की तरह टूट जाएंगे। दरअसल, महाराष्ट्र, पंजाब और पश्चिम बंगाल समेत कई गैर-बीजेपी राज्य केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगा चुके हैं। राज्यसभा सांसद ने सामना में देश के सर्वोच्च न्यायालय को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने लिखा कि कई मामलों में सर्वोच्च न्यायालय अपना कर्तव्य भूल गया।

‘राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को नुकसान पहुंचा रही सरकार’

संजय राउत ने सामना में लिखा कि ‘अगर केंद्र सरकार को यह एहसास नहीं होता कि वह राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को नुकसान पहुंचा रही है तो वह दिन दूर नहीं जब हमारे देश के राज्य भी वैसे ही टूट कर बिखर जाएंगे जैसे सोवियत संघ के हुए थे।‘ उन्होंने कहा, साल 2020 को केंद्र सरकार की क्षमता और विश्वसनीयता पर सवालिया निशाने के तौर पर देखना चाहिए। उन्होंने संपादकीय में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने में पर्दे के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम रोल था।

संजय राउत ने लिखा, ‘बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सनसनीखेज खुलासा किया था कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष मेहनत की थी।‘ उन्होंने आगे लिखा, ‘प्रधानमंत्री किसी राज्य की सरकार को गिराने में रुचि ले रहे हैं। प्रधानमंत्री देश का होता है। देश एक संघ के रुप में खड़ा है। जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है, वे भी राष्ट्रहित की बात करते हैं। इस भावना की हत्या की जा रही है।‘
जानें क्या था कैलाश विजयवर्गीय का बयान?

बता दें, पिछले दिनों बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के इंदौर में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘जब तक कमलनाथ जी की सरकार थी, एक दिन चैन से सोने नहीं दिया…ये पर्दे के पीछे की बात बता रहा हूं कि कमलनाथ जी की सरकार गिराने में यदि महत्वपूर्ण भूमिका किसी की थी तो नरेंद्र मोदी जी की थी धर्मेंद्र प्रधान जी की नहीं।‘

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में बहुमत हासिल कर कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाने वाली कांग्रेस की सत्ता मात्र 1 साल में ही धराशायी हो गई। कांग्रेस के 21 से ज्यादा विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए जिसके बाद अल्पमत में आने के कारण कमलनाथ को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस के नेताओं ने तब भी कहा था कि कांग्रेस की सरकार गिराने के पीछे बीजेपी का हाथ था। जिसकी पुष्टि कैलाश विजयवर्गीय ने किसान सम्मेलन में कर दी।

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