किसान आंदोलन के समर्थन में बोले संजय राउत, कोई अदृश्य शक्ति है जो चाहती है, मसला सॉल्व न हो

किसान आंदोलन को लेकर देश में सियासत चरम पर हैं। किसान पिछले 2 महीनें से इस कड़ाके की ठंड में दिल्ली के बॉर्डरों पर टिके हुए हैं और केंद्र सरकार से लगातार इस कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। किसान आंदोलन को देश भर के किसानों का समर्थन भी मिल रहा है। आज देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आजाद मैदान में हजारों की संख्या में किसान जमा हुए हैं। किसान नेता और सरकार के बीच नए कृषि कानून को लेकर कई बार बैठकें हो चुकी है लेकिन अभी तक किसी भी तरह का नतीजा सामने नहीं आया है।

साथ ही आंदोलन को लेकर विपक्षी पार्टियां भी केंद्र सरकार पर हमलावर है। इसी बीच शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। मुंबई के आजाद मैदान में शुरु हुए प्रदर्शन के बीच उन्होंने दावा किया है कि कोई अदृश्य शक्ति है जो चाहती है कि किसानों का मसला सॉल्व ना है।

पहले राउंड की बातचीत में ही मिलना चाहिए था न्याय

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि यह किसानों का अभूतपूर्व आंदोलन है और पूरा विश्व इसे अपने नजरिए से देख रहा है। उन्होंने कहा, ‘किसान जिस तरीके से लड़ रहे हैं पूरे विश्व में आज तक ऐसा आंदोलन नहीं हुआ था। इस देश का किसान एक हुआ है और राज्यों-राज्यों के किसानों ने उन्हें सपोर्ट किया है और सड़क पर उतर रहे हैं।’ शिवसेना नेता कहा कि किसानों की मांग सही है, उन्हें बातचीत के पहले राउंड में ही न्याय मिलना चाहिए था।

साथ ही मुंबई के आजाद मैदान में चल रहे किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि वहां हजारों की संख्या में किसान आए हुए हैं। उन्होंने मुंबई में फैले जानलेवा कोरोना वायरस पर भी टिप्पणी की। शिवसेना नेता ने कहा कि कोरोना का डर मुंबई में खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में मुंबई में जो भीड़ जमा हुई है उस पर भी ध्यान देना होगा।
संजय राउत ने आगे कहा, ‘कोई अदृश्य शक्ति है जो चाहती है कि किसान को न्याय ना मिले, इस देश में अस्थिरता रहे,अशांति का माहौल बने। राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए एक वातावरण बने जो कि इस देश के लिए ठीक नहीं है।’

गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड

बता दें, किसान आंदोलन अब देशव्यापी आंदोलन का रुप ले चुका है। दिल्ली के बॉर्डरों पर किसान डेरा डाले हुए हैं। खबरों के मुताबिक अभी तक 80 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने वाले हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से तय रास्तों पर इसकी मंजूरी भी मिल गई है। किसानों की मांग है कि जब तक नए कृषि कानून रद्द नहीं होंगे तब तक वो वापस नहीं लौटने वाले। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति क्या होगी, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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