सौरभ गांगुली के 10 कारनामे जिसने बदल कर रख दी भारतीय टीम की किस्मत

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली का क्रिकेट करियर कई वजहों से आज भी याद किया जाता है। उनकी कप्तानी ने भारतीय टीम ने एशिया और एशिया से बाहर कई देशों में लाजवाब प्रदर्शन किए। साल 2000 में टीम इंडिया पर मैच फिक्सिंग का मनहूस साया पड़ा, कुछ खिलाड़ी इसमें संलिप्त भी पाए गए। जिसके बाद हासिये पर आई टीम इंडिया की कमान सौरभ गांगुली को मिली और उन्होंने इसे बखूबी निभाया।

गांगुली ने बतौर कप्तान ना सिर्फ भारतीय क्रिकेट को नई ऊचाईयां दी बल्कि अपने दूरगामी सोच और फैसलों से इंडियन क्रिकेट का चेहरा बदलने में भी अहम भूमिका निभाई। वो गांगुली ही थे जिन्होंने लार्ड्स में जर्सी घुमाकर टीम इंडिया में जीतने का जज्बा भर दिया था। लोग उन्हें प्यार से प्रिंस ऑफ कोलकाता और दादा के नाम से बुलाते हैं। आइए जानते हैं सौरभ गांगुली की ऐसी 10 विशेषताएं जो उन्हें बेहतर कप्तान और बल्लेबाज बताते है।

वीरेंद्र सहवाग को बनाया ओपनर

विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने शुरुआती दिनों में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करते थे। नंबर 6 पर खेलते हुए उन्होंने शतक भी बनाया था। तत्कालीन कप्तान सौरभ गांगुली ने उनकी क्षमता को पहचाना और ओपनिंग कराई, उनका यह फैसला टीम इंडिया के लिए मास्टरस्ट्रोक बन गया। सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में पारी का आगाज करते हुए 2 ट्रिपल सेंचुरी बना डाली। जिसके बाद उन्होंने भारतीय टीम में लंबे समय तक ओपनिंग का जिम्मा संभाले रखा।

राहुल द्रविड़ से विकेटकीपिंग

सौरभ गांगुली को एक ऐसे बल्लेबाज की जरुरत थी, जो बेहतर विकेटकीपिंग भी कर सके। उस समय टीम में इस तरह के एकमात्र विकल्प राहुल द्रविड़ थे। गांगुली ने ही द्रविड़ को विकेटकीपिंग के लिए मनाया था। जिसके बाद क्रिकेट की दुनिया में दीवार के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने काफी दिनों तक टीम इंडिया के लिए विकेटकीपिंग की। बताया जाता है कि द्रविड़ के विकेटकीपिंग से भारतीय टीम का संतुलन काफी बेहतर हो गया था।

वनडे में सबसे तेज 8000 और 9000 रन पूरे किए

गांगुली ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 8000 और 9000 रन पूरे किए। सबसे तेज 7000 रनों का रिकॉर्ड भी गांगुली के नाम ही था जिसे 2014 में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डिविलियर्स ने तोड़ डाला। डिविलियर्स ने 166 पारियों में 7000 रन पूरे किए जबकि दादा ने 174 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था। 8000 रनों तक पहुंचने के लिए गांगुली ने 200 और 9000 तक पहुंचने के लिए उन्होंने 228 वनडे पारियां खेली।

महेंद्र सिंह धोनी पर लगाया था दांव

पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली के फैसलों में महेंद्र सिंह धोनी का टीम इंडिया में चयन भी शामिल है। साल 2004 में उन्होंने चयनकर्ताओं से धोनी पर दांव लगाने की बात कही थी। जो सही साबित हुई। गांगुली ने 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्हें बैटिंग करने के लिए 3 नंबर पर भेजा। धोनी ने उस मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 148 रनों की शानदार पारी खेली थी। सौरभ गांगुली की कप्तानी में ही एमएस धोनी की करियर में निखार आया और बाद में वे भारतीय टीम के कप्तान भी बने।

सबसे ज्यादा रनों की साझेदारी का वर्ल्ड रिकार्ड

वनडे क्रिकेट में सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर के नाम सबसे ज्यादा रनों की साझेदारी करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। इन दोनों ने वनडे की 176 पारियों में 8227 रनों की साझेदारी की है। इस दौरान इन दोनों बेहतरीन बल्लेबाजों के बीच 26 शतकीय और 29 अर्धशतकीय साझेदारियां हुई। जो कि एक वर्ल्ड रिकार्ड है।

वीवीएस लक्ष्मण का बैटिंग ऑर्डर

साल 2001 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद उन्हें हराया था। कोलकाता में हुए उस मैच में आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने वी वी एस लक्ष्मण इकलौते ऐसे बल्लेबाज थे, जो उस मैच में उन्हें बेहतर तरीके से खेल रहे थे। ऐसे में दूसरी पारी में गांगुली ने उन्हें तीसरे नंबर पर खेलने के लिए भेजा। लक्ष्मण ने इस मौके को अच्छी तरह भुनाया और उस मैच में 281 रनों की शानदार पारी खेली थी।

20 से ज्यादा टेस्ट में जीत दिलाने वाले पहले कप्तान

सौरव गांगुली अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को 20 से ज्यादा टेस्ट मैचों में जीत दिलाने वाले पहले कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 21 टेस्ट जीते। इससे पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में भारत ने 14 टेस्ट मैच जीते थे। उनका यह रिकॉर्ड टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तोड़ा। धोनी की कप्तानी में टीम ने 27 टेस्ट मैच जीते।

डेब्यू टेस्ट की दोनों पारियों में शतक

1996 में लॉर्ड्स टेस्ट से अपना इंटरनेशनल करियर शुरू करने वाले गांगुली उस समय दुनिया के तीसरे ऐसे बल्लेबाज थे जिसने डेब्यू टेस्ट की दोनों पारियों में सेंचुरी जड़ी थी।
द्रविड़ के साथ 318 रनों की साझेदारी

सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के नाम वनडे की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड दर्ज है. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 318 रनों की साझेदारी की थी। उनसे ऊपर क्रिस गेल-मार्लोन सैमुअल्स (372 रन) और सचिन तेंदुलकर-राहुल द्रविड़ (331 रन) ही हैं।

टीम के युवा खिलाड़ियों पर भरोसा

गांगुली की कप्तानी में कई युवा खिलाड़ियों के करियर में निखार आया, जिन्होंने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट में धूम मचाई और कई बेहतरीन रिकार्ड्स भी बनाए। वह वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ियों के लिए हमेशा ढ़ाल बनकर खड़े रहे। नतीजतन इन खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन कर गांगुली के फैसले को सही साबित किया।

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