मसूद अज़हर वाले मामले में आखिर भारत के आगे क्यों झुकना पड़ा चीन को ?

1 मई 2019, बुधवार का दिन भारत के लिए एक खुशखबरी लेकर आया. जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया गया. यूएन ने आख़िरकार मसूद अजहर का नाम ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है. भारत लंबे समय से मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आंतकी घोषित करने की मांग कर रहा था. मसूद अजहर पर भारत में कई बड़े आतंकी हमले कराने का आरोप है. इनमें 2001 में संसद पर हमला, पुलवामा हमला और पठानकोट हमला मुख्य रूप से शामिल हैं.

आईए हम आपको बताते है कि मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को जो चीन पिछले दस सालों से ठुकरा रहा था उसने इसबार कैसे इस प्रस्ताव पर अपना मूहर लगा दिया!

पाँच देश संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन. संयुक्त राष्ट्र संघ में कोई भी प्रस्ताव पास करने के लिए इन पांचो की सह्मति जरूरी होती है. इन पांचों देशों को वीटो का अधिकार है. अगर कोई एक सदस्य भी वीटो का इस्तेमाल करता है तो प्रस्ताव खारिज हो जाता है. और इसी बात का फायदा पिछले दस सालों से चीन उठा रहा था. चीन हमेशा कोई ना कोई बहाना बना कर इस प्रस्ताव को खारिज करता रहा था. जैसे कि हम बिना सबूत के किसी भी तरह के कार्यवाई के खिलाफ हैं या फिर हमें थोड़ा और वक्त चाहिए.

अमेरिका का दबाव

वहीं, भारत हमेशा से मसूद अज़हर के खिलाफ कई तरह के सबूत संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद को देता रहा है और अज़हर को ग्लोबल आतंकवादी करार दिए जाने के लिये सुरक्षा परिषद पर दबाव भी बनाता रहा है. लेकिन, भारत के इस कदम पर चीन हर बार अड़ंगा लगाता रहा… पिछली बार चीन द्वारा रोक लगाने के बाद उसके पास इस मामले में फैसला करने के लिए 6 महीने का समय था.

लेकिन, इसबार अमेरिका को इतना इंतज़ार रास नहीं आया. फिर क्या था अमेरिका ने चीन को यह कड़ा संदेश दिया कि वह फिर से यूके और फ्रांस के साथ मिलकर सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लेकर आएगा और अगर चीन इसबार भी अपने स्टैंड में बदलाव नहीं करता है तो अमेरिका रिज़ोल्यूशन का रास्ता अपनाएगा. सूत्रों का कहना है कि इसी दबाव के चलते चीन, मसूद अज़हर को ब्लैक लिस्ट करने के लिए तैयार हुआ और इस तरह से भारत के आगे चीन को झुकना पड़ा. इसे भारत का अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक जीत माना जा रहा है.

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *